लॉकडाउन में कोई साधन नहीं मिला तो दिल्ली से साइकिल से आ पहुंचे महराजगंज
लॉकडाउन लोगों को क्या न करा दे। बड़े शहरों में रोजी-रोटी के लिए गए मजदूर अपने घर आने के लिए परेशान हैं। लोगों को जब किसी प्रकार की मदद नहीं मिल पा रही है। तब भी वह हार नहीं मान रहे हैं। कुछ इसी तरह का मामला महराजगंज जिले के मिठौरा क्षेत्र के ग्राम टीकर में देखने को मिला।
गांव के सात ग्रामीण शटरिंग कार्य के लिए छह माह पहले दिल्ली गए थे। लॉकडाउन में वह भी फंस गए। लोगों ने घर आने के लिए मदद की गुहार लगाई। लेकिन जब किसी ने सहयोग नहीं किया तो सभी दिल्ली से हाइवे पकड़कर साइकिल से ही घर पहुंच गए। गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने उनका स्वागत स्वागत किया। सभी सातों को अब गांव में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है।
दिल्ली से साइकिल से घर पहुंचे अरविंद यादव, हीरामन, विवेक, शेर सिंह, मुकेश, प्रवीन व अनूप ने बताया कि घर पहुंचने में चार दिन का समय लग गया। यात्रा के दौरान किसी पुलिस कर्मी ने रोका नहीं। लेकिन साइकिल चलाने से भूख बहुत तेज लग जा रही थी। ऐसे में मजबूर होकर जगह-जगह रुकना पड़ा।
यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों के ग्रामीणों ने पूरा सहयोग किया। ग्रामीणों ने भोजन बनाने के लिए आटा, दाल, चावल, सब्जी तक मुहैया कराया। भोजन के बाद थोड़ी देर आराम करने के बाद पुन: अपने मिशन में लग जाते थे। गोरखपुर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रोक लिया। पर स्वास्थ्य की जांच के बाद फिर छोड़ दिया। अपनी मेहनत से घर पहुंचने में बड़ा सुखद महसूस हो रहा है।