संरक्षित होगी रीड साहब धर्मशाला, निगम जुटाएगा ब्योरा
रीड साहब की धर्मशाला को संरक्षित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इस क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और उसका बारीकी से निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण के बाद अब नगर निगम यहां रहने वालों का ब्यौरा जुटाएगा। डीएम के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
बुधवार दोपहर में डीएम रीड साहब की धर्मशाला पहुंचे। उन्होंने वहां रहने वालों से बात की। लोगों ने बताया कि वह वर्षों से वहां रह रहे हैं। डीएम ने सभी से इससे जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। नागरिकों की सूचना पर पहुंचे नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने लोगों को आश्वासन दिया था कि वर्षों से रह रहे लोगों को बेदखल नहीं होने देंगे।
61 परिवार, सबसे ज्यादा किराया 43 रुपये
नगर निगम के रिकॉर्ड में रीड साहब की धर्मशाला में इस समय 61 परिवार निवास कर रहे हैं। इनसे नगर निगम किराया लेता है। सबसे कम किराया 10 रुपये और सबसे ज्यादा 43 रुपये है। इसमें कुछ अवैध तरीके से रह रहे हैं।
अंग्रेज कलेक्टर के नाम पर है
रीड साहब की धर्मशाला का नाम अंग्रेज कलेक्टर ईए रीड के नाम पर है। यह17वीं शताब्दी का है। इसमें 62 कमरे बने थे। उस समय यहां बाहर से आने वाले लोगों को ठहराया जाता था। मुगलकालीन वास्तुशिल्प पर निर्मित इस धर्मशाला की कुछ दीवारें और कुछ दरवाजे ही बचे हैं।